उत्तर प्रदेश सरकार किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana संचालित करती है। इस योजना में पात्र कृषक की दुर्घटना में मृत्यु या निर्धारित दिव्यांगता होने पर अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में योजना के तहत ₹5 लाख तक की सहायता और 18 से 70 वर्ष की आयु का उल्लेख किया गया है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana में कौन पात्र है, कौन-कौन से Documents लगते हैं, Online Apply कैसे करना है और आवेदन का Status कैसे देखना है, तो इस लेख को पूरा पढ़ें।
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Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana क्या है?
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है। यह योजना 14 सितंबर 2019 से लागू है। इसका उद्देश्य दुर्घटना के कारण किसान की मृत्यु या पात्र दिव्यांगता होने पर किसान अथवा उसके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
सरकारी जानकारी के अनुसार योजना में अधिकतम ₹5 लाख तक सहायता का प्रावधान है। 2026-27 के उत्तर प्रदेश बजट में इस योजना के लिए ₹1,150 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana में कितना लाभ मिलता है?
योजना में सहायता राशि दुर्घटना से हुई मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति के अनुसार निर्धारित होती है।
सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में:
- दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने पर अधिकतम ₹5 लाख तक सहायता।
- पूर्ण शारीरिक अक्षमता की निर्धारित स्थिति में अधिकतम ₹5 लाख तक सहायता।
- दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों की क्षति जैसी निर्धारित गंभीर स्थितियां भी योजना के दायरे में आती हैं।
- आंशिक/स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में सहायता राशि निर्धारित प्रतिशत और नियमों के अनुसार हो सकती है।
इसलिए केवल “दुर्घटना हुई” होने से हर मामले में ₹5 लाख मिलना जरूरी नहीं है। सहायता दुर्घटना और दिव्यांगता की निर्धारित श्रेणी के अनुसार तय होती है।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana की पात्रता
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana के लिए पात्रता को समझना बहुत जरूरी है।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार:
- कृषक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- दुर्घटना के समय कृषक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- खतौनी में दर्ज खातेदार या सहखातेदार कृषक पात्र हो सकते हैं।
- खातेदार/सहखातेदार के परिवार के ऐसे कमाऊ सदस्य जिनकी आजीविका कृषि आय से जुड़ी है, उन्हें भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
- निर्धारित शर्तों के अंतर्गत पट्टेदार और बटाईदार कृषक भी पात्र हो सकते हैं।
- दुर्घटना से मृत्यु या योजना में निर्धारित दिव्यांगता हुई होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार के दस्तावेज में भूमिहीन व्यक्ति जो पट्टे या बटाई पर कृषि करते हैं, उन्हें भी योजना की पात्रता में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
किन दुर्घटनाओं पर योजना का लाभ मिलता है?
योजना के आधिकारिक प्रावधानों में दुर्घटनाओं की कई परिस्थितियों को शामिल किया गया है।
इनमें उदाहरण के तौर पर:
- आग लगना
- बाढ़
- बिजली गिरना
- करंट लगना
- सांप या अन्य जीव-जंतु के काटने/हमले से दुर्घटना
- नदी, तालाब, कुएं आदि में डूबना
- आंधी-तूफान
- पेड़ से गिरना या दबना
- मकान गिरना
- रेल या सड़क दुर्घटना
- वाहन दुर्घटना
- भूस्खलन
- भूकंप
- गैस रिसाव
- विस्फोट
- अन्य निर्धारित दुर्घटनाएं
आधिकारिक योजना दस्तावेज में दुर्घटनाओं की विस्तृत श्रेणियां दी गई हैं।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana के लिए जरूरी Documents
आवेदन करते समय मामले के अनुसार अलग-अलग दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेज महत्वपूर्ण हैं:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण
- खतौनी की प्रमाणित प्रति
- मृतक/दिव्यांग कृषक की आयु का प्रमाण
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जहां लागू हो
- पंचनामा, जहां पोस्टमार्टम संभव न हो
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- उत्तराधिकार प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- बैंक खाता संख्या और IFSC
- मोबाइल नंबर
- फोटो
- पट्टेदार के मामले में निर्धारित पट्टे से संबंधित प्रमाण
- बटाईदार के मामले में निर्धारित प्रमाण पत्र
आधिकारिक आवेदन पत्र में मृतक/दिव्यांग कृषक, आवेदक/कानूनी वारिस, आधार, बैंक खाता और IFSC सहित कई विवरण मांगे जाते हैं।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana Online Apply कैसे करें?
वर्तमान में योजना का आधिकारिक राजस्व परिषद पोर्टल ऑनलाइन आवेदन और आवेदन की स्थिति से संबंधित व्यवस्था उपलब्ध कराता है। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदक Login और Application Status के विकल्प दिखाई देते हैं।
Online Apply करते समय सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार समझी जा सकती है:
Step 1: Official Portal खोलें
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के कृषक दुर्घटना योजना पोर्टल पर जाएं।
Step 2: Applicant Login/Registration करें
पोर्टल पर उपलब्ध आवेदक संबंधी विकल्प में जाएं। वर्तमान पोर्टल पर Mobile Number और OTP आधारित Applicant Login दिखाई देता है।
Step 3: आवेदन की जानकारी भरें
मृतक या दिव्यांग कृषक का नाम, पता, जन्मतिथि, दुर्घटना की तारीख, दुर्घटना का कारण और आवेदक/कानूनी वारिस की जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
Step 4: Documents तैयार रखें
आवेदन के मामले के अनुसार खतौनी, मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम/पंचनामा, आयु प्रमाण, बैंक विवरण और अन्य जरूरी कागजात तैयार रखें।
Step 5: आवेदन Submit करें
सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Submit करें।
Step 6: Application Number सुरक्षित रखें
आवेदन पूरा होने के बाद प्राप्त आवेदन/प्रार्थना पत्र संख्या को सुरक्षित रखें। भविष्य में Status Check करने के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है।
Krishak Durghatna Yojana Status Check कैसे करें?
अगर आपने आवेदन कर दिया है तो उसका Status भी देखा जा सकता है।
राजस्व परिषद के आधिकारिक पोर्टल पर “मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (ऑनलाइन आवेदन की स्थिति)” के लिए प्रार्थना पत्र क्रमांक से खोजने का विकल्प उपलब्ध है।
Status देखने के लिए:
- आधिकारिक कृषक दुर्घटना योजना पोर्टल खोलें।
- Application Status विकल्प चुनें।
- अपना प्रार्थना पत्र क्रमांक दर्ज करें।
- Search करें।
- आवेदन की उपलब्ध वर्तमान स्थिति देखें।
2026 में आधिकारिक पोर्टल पर योजना की तहसील और मंडल स्तर की रिपोर्टिंग भी अपडेट होती दिखाई दे रही है।
कृषक दुर्घटना योजना का पैसा कब मिलेगा?
सहायता राशि आवेदन, दस्तावेजों की जांच, पात्रता सत्यापन और विभागीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाती है।
इसलिए आवेदन करने के तुरंत बाद एक निश्चित तारीख पर पैसा आने की गारंटी नहीं दी जा सकती। आवेदन की स्थिति और विभागीय सत्यापन के आधार पर भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
2026 के सरकारी बजट दस्तावेज में भी योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में आश्रित परिवारों को सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई है।
कृषक दुर्घटना योजना में 45 दिन का नियम क्या है?
इस योजना से संबंधित पुराने और वर्तमान उपलब्ध मार्गदर्शन में दुर्घटना के बाद आवेदन/सूचना के लिए 45 दिनों की समय-सीमा का उल्लेख मिलता है।
इसलिए दुर्घटना होने पर आवेदन में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए। किसी विशेष मामले में लागू वर्तमान समय-सीमा और अपवाद के लिए संबंधित तहसील/राजस्व अधिकारी या आधिकारिक पोर्टल के नवीनतम निर्देश को प्राथमिकता दें।
बटाईदार और भूमिहीन किसान को लाभ मिलेगा?
हां, निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले बटाईदार और कुछ भूमिहीन/पट्टेदार कृषक भी योजना के दायरे में आ सकते हैं।
बटाईदार की पहचान के लिए आधिकारिक योजना दस्तावेज में भू-स्वामी/कानूनी वारिस का प्रमाण पत्र या कुछ परिस्थितियों में ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र जैसी व्यवस्था का उल्लेख है।
इसलिए केवल अपनी जमीन में नाम न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति स्वतः योजना से बाहर हो जाता है।
आवेदन करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
आवेदन करते समय इन गलतियों से बचें:
- नाम दस्तावेजों के अनुसार भरें।
- बैंक खाता संख्या सही दर्ज करें।
- IFSC Code जांचें।
- मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी सही दें।
- खतौनी की सही प्रति लगाएं।
- दुर्घटना की तारीख सही दर्ज करें।
- पोस्टमार्टम/पंचनामा जहां लागू हो, सही दस्तावेज लगाएं।
- दिव्यांगता के मामले में वैध प्रमाण पत्र रखें।
- आवेदन संख्या/रसीद सुरक्षित रखें।
- किसी अनधिकृत व्यक्ति को OTP न बताएं।
Official Website
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद का आधिकारिक पोर्टल:
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद – कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
आधिकारिक पोर्टल पर Applicant Login, Department Login और आवेदन की स्थिति से संबंधित विकल्प उपलब्ध हैं।
FAQ – मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
क्या किसान की मृत्यु होने पर ₹5 लाख मिलते हैं?
पात्रता और योजना की निर्धारित शर्तें पूरी होने पर दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में अधिकतम ₹5 लाख तक सहायता का प्रावधान है।
किसान की उम्र कितनी होनी चाहिए?
आधिकारिक योजना दस्तावेज में कृषक की आयु 18 से 70 वर्ष निर्धारित की गई है।
क्या बटाईदार किसान आवेदन कर सकता है?
निर्धारित शर्तों और प्रमाण के आधार पर बटाईदार कृषक योजना में शामिल हो सकता है।
क्या भूमिहीन किसान को लाभ मिल सकता है?
निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पट्टेदार/बटाईदार और संबंधित श्रेणी के भूमिहीन कृषकों को योजना में शामिल किया गया है।
आवेदन का Status कैसे देखें?
राजस्व परिषद के आधिकारिक पोर्टल पर Application Status के विकल्प में प्रार्थना पत्र क्रमांक से आवेदन की स्थिति खोजी जा सकती है।
क्या योजना 2026 में भी चल रही है?
हां। 2026-27 के उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए ₹1,150 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित होने का उल्लेख है।
निष्कर्ष
Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana उत्तर प्रदेश के पात्र किसानों और उनके परिवारों के लिए दुर्घटना की स्थिति में महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना है। पात्र मामले में मृत्यु या निर्धारित दिव्यांगता होने पर अधिकतम ₹5 लाख तक सहायता का प्रावधान है।
आवेदन करते समय सबसे जरूरी है कि पात्रता, दुर्घटना की श्रेणी और Documents सही हों। आवेदन के बाद Application Number सुरक्षित रखें और आधिकारिक राजस्व परिषद पोर्टल से Status Check करते रहें।
योजना की राशि, पात्रता या आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी नवीनतम जानकारी के लिए गैर-सरकारी वेबसाइट की बजाय उत्तर प्रदेश सरकार/राजस्व परिषद के आधिकारिक स्रोत को प्राथमिकता दें।
