Swayam Sahayata Samuh Kya Hai, यह सवाल अक्सर उन लोगों के मन में आता है जो गांव या शहर में महिलाओं के साथ मिलकर बचत, रोजगार और छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। स्वयं सहायता समूह यानी Self Help Group (SHG) ऐसे लोगों का छोटा सामूहिक संगठन है, जिसमें सदस्य नियमित रूप से बचत करते हैं और जरूरत पड़ने पर समूह के माध्यम से ऋण तथा सरकारी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मिशन के माध्यम से SHG को बैंक से जोड़ने, वित्तीय सहायता, आजीविका गतिविधियों और प्रशिक्षण आदि में सहयोग दिया जाता है।
इसलिए SHG केवल बचत करने वाला समूह नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का माध्यम भी बन सकता है।
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स्वयं सहायता समूह के मुख्य उद्देश्य
स्वयं सहायता समूह बनाने () के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- गरीब और जरूरतमंद परिवारों में बचत की आदत विकसित करना।
- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
- समूह के सदस्यों को आंतरिक ऋण की सुविधा देना।
- बैंकिंग सेवाओं से ग्रामीण परिवारों को जोड़ना।
- महिलाओं को छोटे व्यवसाय और आजीविका गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना।
- साहूकारों पर निर्भरता कम करना।
- महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना।
SHG के माध्यम से सदस्य सिलाई, पशुपालन, डेयरी, किराना दुकान, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
Swayam Sahayata Samuh Kya Hai और इसमें कितने सदस्य होते हैं?
DAY-NRLM के अंतर्गत सामान्य महिला SHG में आम तौर पर 10 से 20 सदस्य होते हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों वाले समूहों के लिए सदस्यों की संख्या अलग हो सकती है। इसलिए किसी विशेष राज्य या स्थानीय मिशन के नियमों को भी देखना जरूरी है।
समूह बनाते समय ऐसे सदस्यों को शामिल करना बेहतर होता है जो:
- एक ही गांव या आसपास के क्षेत्र में रहते हों।
- नियमित बैठक में शामिल हो सकें।
- नियमित बचत कर सकें।
- समूह के नियमों का पालन करने के लिए तैयार हों।
- समूह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें।
DAY-NRLM मुख्य रूप से ग्रामीण गरीब महिलाओं को SHG के माध्यम से संगठित और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर केंद्रित है।
स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं? Step-by-Step प्रक्रिया
अगर आप अपने गांव में SHG बनाना चाहते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार समझ सकते हैं।
1. सदस्यों का चयन करें
सबसे पहले इच्छुक सदस्यों को एकत्र करके समूह बनाया जाता है। सभी सदस्य नियमित रूप से बैठक करने और बचत करने के लिए सहमत हों।
2. समूह के पदाधिकारियों का चयन करें
समूह के संचालन के लिए आमतौर पर प्रमुख जिम्मेदारियां निर्धारित की जाती हैं:
- अध्यक्ष: बैठक का संचालन और समूह का नेतृत्व।
- सचिव: बैठक की कार्यवाही और रिकॉर्ड रखना।
- कोषाध्यक्ष: बचत, बैंक लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड संभालना।
3. बचत की राशि तय करें
समूह के सदस्य आपसी सहमति से नियमित बचत की राशि निर्धारित करते हैं। उदाहरण के लिए ₹50, ₹100 या स्थानीय नियमों के अनुसार कोई अन्य राशि तय की जा सकती है।
4. बैठक का दिन तय करें
समूह साप्ताहिक या मासिक बैठक कर सकता है। बैठक में बचत, ऋण, किस्त, समूह की गतिविधियों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाती है।
5. बैंक खाता खोलें
समूह के नाम से बैंक खाता खोला जाता है। बैंक खाता खोलने के लिए संबंधित बैंक द्वारा मांगे गए KYC और समूह संबंधी दस्तावेज जमा करने होते हैं।
6. रिकॉर्ड और बही-खाता बनाए रखें
समूह की बचत, ऋण, किस्त, बैठक और अन्य वित्तीय गतिविधियों का रिकॉर्ड सही तरीके से रखना बहुत जरूरी है।
SHG के लिए आवश्यक दस्तावेज
बैंक खाता खोलने या SHG से संबंधित प्रक्रिया में दस्तावेजों की सूची बैंक और संबंधित मिशन के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
| दस्तावेज | उपयोग |
|---|---|
| समूह गठन/प्रस्ताव पत्र | समूह की स्थापना और बैंकिंग प्रक्रिया |
| सदस्यों की जानकारी | समूह का रिकॉर्ड |
| पदाधिकारियों के KYC दस्तावेज | पहचान सत्यापन |
| आधार कार्ड | KYC के लिए |
| PAN/अन्य आवश्यक दस्तावेज | बैंक की आवश्यकता के अनुसार |
| पासपोर्ट साइज फोटो | बैंक/समूह रिकॉर्ड |
| समूह की मोहर | आधिकारिक दस्तावेजों के लिए |
| बैंक खाता संबंधी फॉर्म | Saving Account खोलने के लिए |
ध्यान दें: सभी बैंकों में दस्तावेजों की आवश्यकता बिल्कुल समान नहीं होती। खाता खोलने से पहले संबंधित बैंक शाखा से वर्तमान दस्तावेजों की सूची जरूर प्राप्त करें।
Swayam Sahayata Samuh Kya Hai और सरकार से कितना पैसा मिलता है?
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। SHG को मिलने वाली सहायता को केवल “सरकार मुफ्त में पैसा देती है” के रूप में समझना सही नहीं है। अलग-अलग वित्तीय सहायता के अलग उद्देश्य और पात्रता होती है।
आपके मूल कंटेंट में Revolving Fund ₹15,000–₹20,000 और CIF ₹50,000–₹1.10 लाख बताया गया था। ये आंकड़े पुराने/विशिष्ट प्रावधानों से जुड़े हो सकते हैं। वर्तमान उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार DAY-NRLM के तहत प्रमुख सहायता इस प्रकार बताई गई है:
| सहायता | पुराने कंटेंट में राशि | वर्तमान उपलब्ध जानकारी |
| Revolving Fund (RF) | ₹15,000–₹20,000 | ₹20,000–₹30,000 प्रति पात्र SHG |
| Community Investment Fund (CIF) | ₹50,000–₹1.10 लाख | अधिकतम ₹2.50 लाख प्रति SHG |
| Bank Loan | ₹1–₹6 लाख | पात्रता/क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर अधिक, collateral-free सीमा ₹20 लाख तक |
PIB की आधिकारिक जानकारी के अनुसार DAY-NRLM में eligible SHG को ₹20,000 से ₹30,000 Revolving Fund और अधिकतम ₹2.50 लाख Community Investment Fund उपलब्ध कराया जा सकता है।
1. Revolving Fund (RF) क्या है?
Revolving Fund SHG के वित्तीय आधार को मजबूत करने के लिए दिया जाने वाला समर्थन है। इसका उद्देश्य समूह के अंदर छोटे ऋण और वित्तीय गतिविधियों को मजबूत करना है।
वर्तमान उपलब्ध सरकारी जानकारी में DAY-NRLM के अंतर्गत पात्र SHG के लिए RF की राशि ₹20,000 से ₹30,000 प्रति SHG बताई गई है।
इस राशि को प्राप्त करने के लिए केवल समूह बना लेना पर्याप्त नहीं होता। समूह की गतिविधियां, बचत, बैठक, आंतरिक ऋण और रिकॉर्ड आदि महत्वपूर्ण होते हैं।
2. Community Investment Fund (CIF) क्या है?
Community Investment Fund (CIF) SHG और उनके सामुदायिक संस्थागत ढांचे के माध्यम से आजीविका एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सरकारी जानकारी के अनुसार CIF की अधिकतम राशि ₹2.50 लाख प्रति SHG तक हो सकती है। इसका उपयोग Micro Credit Plan (MCP) के आधार पर आजीविका और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि हर SHG को स्वतः ₹2.50 लाख नकद अनुदान मिल जाएगा। राशि, प्रक्रिया, पात्रता और उपयोग संबंधित व्यवस्था तथा स्वीकृति पर निर्भर करते हैं।
3. SHG Bank Loan और CCL Loan
स्वयं सहायता समूहों के लिए बैंक लिंकेज एक महत्वपूर्ण सुविधा है। समूह की बचत, रिकॉर्ड, नियमित गतिविधियों और क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
RBI के DAY-NRLM दिशानिर्देशों के अनुसार:
- ₹10 लाख तक के SHG ऋण पर collateral और margin नहीं लिया जाना चाहिए।
- ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक के SHG ऋण पर भी collateral नहीं लिया जाना चाहिए।
- ₹10 लाख से अधिक के ऋण पर बैंक की स्वीकृत नीति के अनुसार कुछ margin की व्यवस्था लागू हो सकती है।
इसलिए आपके पुराने कंटेंट में “₹1 लाख से ₹6 लाख तक ही CCL Loan” लिखना वर्तमान नियमों के संदर्भ में अधूरा होगा। ऋण की वास्तविक राशि समूह की पात्रता, बैंक की प्रक्रिया, Micro Credit Plan और पिछले वित्तीय रिकॉर्ड पर निर्भर करती है।
स्वयं सहायता समूह के 5 पंचसूत्र
एक अच्छे SHG के लिए Panchasutra यानी पांच प्रमुख नियम बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं:
1. नियमित बैठक
समूह की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए।
2. नियमित बचत
सभी सदस्य निर्धारित राशि की नियमित बचत करें।
3. नियमित आंतरिक ऋण
समूह की बचत और उपलब्ध फंड से जरूरतमंद सदस्यों को नियमों के अनुसार ऋण दिया जाए।
4. नियमित ऋण वापसी
सदस्यों द्वारा लिए गए ऋण की किस्त समय पर जमा होनी चाहिए।
5. नियमित बही-खाता
समूह की बचत, ऋण, बैठक और भुगतान का सही रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए।
इन पांचों को सामान्य रूप से SHG के 5 Panchasutra के रूप में जाना जाता है। DAY-NRLM से जुड़े दस्तावेजों में भी नियमित बैठक, बचत, आंतरिक ऋण, ऋण वसूली और सही बही-खाते को महत्वपूर्ण माना गया है।
SHG से महिलाओं को क्या लाभ मिलता है?
महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने पर कई प्रकार के आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल सकते हैं:
- नियमित बचत की आदत विकसित होती है।
- जरूरत के समय समूह से ऋण मिल सकता है।
- बैंक से ऋण प्राप्त करने का रास्ता आसान होता है।
- सरकारी योजनाओं से जुड़ने में सहायता मिलती है।
- रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
- छोटे व्यवसाय के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिल सकती है।
- महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।
- बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की जानकारी बढ़ती है।
- समूह के माध्यम से सामूहिक व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।
SHG से कौन-कौन से व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं?
SHG की मदद से स्थानीय जरूरत और बाजार के अनुसार कई प्रकार के व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं, जैसे:
- सिलाई और कपड़ा निर्माण
- डेयरी और पशुपालन
- बकरी पालन
- मुर्गी पालन
- अगरबत्ती निर्माण
- मसाला निर्माण
- आटा/दाल प्रसंस्करण
- पापड़ और अचार निर्माण
- किराना दुकान
- खाद्य प्रसंस्करण
- हस्तशिल्प
- फूल एवं पौधों से संबंधित व्यवसाय
व्यवसाय का चयन करने से पहले बाजार, लागत, संभावित बिक्री और लाभ का अनुमान लगाना चाहिए।
SHG में लोन लेने के लिए क्या जरूरी है?
बैंक लोन के लिए समूह का नियमित और सक्रिय होना महत्वपूर्ण है। बैंक आम तौर पर समूह की वित्तीय गतिविधियों और रिकॉर्ड को देखते हैं।
महत्वपूर्ण बातें:
- समूह की नियमित बैठक हो।
- नियमित बचत की जाए।
- बही-खाते सही रखे जाएं।
- आंतरिक ऋण और उसकी वापसी का रिकॉर्ड हो।
- बैंक खाता सक्रिय हो।
- समूह की क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी हो।
- Micro Credit Plan के अनुसार ऋण की आवश्यकता निर्धारित की जाए।
- बैंक की KYC और अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जाए।
RBI के अनुसार DAY-NRLM के अंतर्गत SHG ऋणों की repayment अवधि भी ऋण की किस्त/डोज और cash flow के आधार पर निर्धारित की जाती है।
पुराने और वर्तमान आंकड़ों में अंतर
यदि आपने इंटरनेट पर स्वयं सहायता समूह के बारे में अलग-अलग राशि पढ़ी है तो भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। SHG से जुड़ी वित्तीय सहायता के आंकड़े समय के साथ संशोधित हुए हैं और अलग-अलग राज्यों/कार्यक्रमों में स्थानीय प्रावधान भी हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए, पुराने सरकारी दस्तावेजों में RF की राशि ₹10,000–₹15,000 भी दर्ज मिलती है, जबकि बाद की सरकारी जानकारी में ₹20,000–₹30,000 प्रति SHG का प्रावधान बताया गया है।
इसी तरह CIF की अधिकतम सहायता ₹2.50 लाख प्रति SHG तक बताई गई है। इसलिए किसी पुराने वीडियो या वेबसाइट में कम राशि दिखाई दे तो उसे वर्तमान नियम मानकर आवेदन नहीं करना चाहिए।
स्वयं सहायता समूह और DAY-NRLM में क्या संबंध है?
DAY-NRLM ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय और आजीविका संबंधी सहायता उपलब्ध कराने वाला प्रमुख कार्यक्रम है।
इसके अंतर्गत SHG को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना, पूंजी सहायता, आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देना और महिलाओं की आर्थिक क्षमता को मजबूत करना प्रमुख उद्देश्य हैं।
सरकार की Lakhpati Didi पहल में भी SHG महिलाओं को विभिन्न वित्तीय साधनों और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार SHG के लिए ₹20 लाख तक का collateral-free bank loan उपलब्ध हो सकता है।
swam sahayata samuh kaise banaye
Swayam Sahayata Samuh Kya Hai – आसान भाषा में समझें
अगर इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझें तो Swayam Sahayata Samuh Kya Hai का उत्तर है:
ऐसे लोगों, विशेष रूप से महिलाओं का संगठित समूह, जिसमें सदस्य नियमित बचत करते हैं, जरूरत के समय आपस में ऋण देते हैं और सरकारी तथा बैंकिंग सुविधाओं से जुड़कर रोजगार एवं व्यवसाय के अवसर प्राप्त करते हैं।
यानी SHG का उद्देश्य केवल पैसा जमा करना नहीं है। इसका बड़ा उद्देश्य समूह के सदस्यों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. स्वयं सहायता समूह में कितने सदस्य होते हैं?
सामान्य महिला SHG में DAY-NRLM के तहत आम तौर पर 10 से 20 सदस्य होते हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में समूह की सदस्य संख्या अलग हो सकती है।
Q2. क्या पुरुष भी स्वयं सहायता समूह बना सकते हैं?
हां, विशेष परिस्थितियों और विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत पुरुष या मिश्रित समूह भी हो सकते हैं। हालांकि DAY-NRLM का प्रमुख फोकस ग्रामीण गरीब महिलाओं के SHG पर है।
Q3. SHG को Revolving Fund कितना मिलता है?
वर्तमान उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार पात्र SHG को ₹20,000 से ₹30,000 तक Revolving Fund मिल सकता है।
Q4. SHG को CIF कितना मिल सकता है?
DAY-NRLM के अंतर्गत Community Investment Fund की अधिकतम राशि ₹2.50 लाख प्रति SHG तक बताई गई है। यह स्वतः मिलने वाला नकद अनुदान नहीं है; पात्रता और Micro Credit Plan जैसी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
Q5. SHG को बैंक से कितना लोन मिल सकता है?
RBI के DAY-NRLM दिशानिर्देशों के अनुसार SHG को ₹20 लाख तक collateral-free bank loan की सुविधा हो सकती है। ₹10 लाख तक collateral और margin नहीं लिया जाना चाहिए; ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक भी collateral नहीं लिया जाना चाहिए, हालांकि margin संबंधी नियम लागू हो सकते हैं।
Q6. क्या SHG में हर सदस्य को अलग से सरकारी पैसा मिलता है?
नहीं। RF और CIF जैसी सहायता समूह/सामुदायिक संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से होती है। व्यक्तिगत सदस्य को मिलने वाली सहायता समूह की प्रक्रिया, योजना और Micro Credit Plan पर निर्भर कर सकती है।
Q7. SHG Loan लेने के लिए क्या जरूरी है?
नियमित बैठक, बचत, आंतरिक ऋण, ऋण की नियमित वापसी, सही बही-खाता, सक्रिय बैंक खाता और अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री महत्वपूर्ण हैं।
Q8. SHG का बैंक खाता कैसे खुलता है?
समूह के गठन के बाद संबंधित बैंक में SHG के नाम से खाता खोलने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। KYC, समूह का प्रस्ताव/Resolution और बैंक द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं।
निष्कर्ष
Swayam Sahayata Samuh Kya Hai, इसे समझने के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि SHG केवल छोटी-छोटी बचत करने वाला समूह नहीं है। यह महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को बचत, आंतरिक ऋण, बैंक लोन, सरकारी सहायता और रोजगार से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
DAY-NRLM के अंतर्गत पात्र SHG को Revolving Fund, Community Investment Fund और बैंक लिंकेज जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। वर्तमान सरकारी जानकारी के अनुसार RF ₹20,000–₹30,000 और CIF अधिकतम ₹2.50 लाख प्रति SHG तक हो सकता है, जबकि RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार DAY-NRLM के तहत SHG को ₹20 लाख तक collateral-free bank loan की सुविधा है।
इसलिए यदि आपके गांव या क्षेत्र में महिलाएं मिलकर स्वयं सहायता समूह बनाना चाहती हैं, तो सबसे पहले स्थानीय NRLM/ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्राम संगठन या संबंधित बैंक से वर्तमान पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें। सरकारी योजनाओं में राशि और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले नवीनतम आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।
महत्वपूर्ण नोट
इस लेख में दी गई वित्तीय सीमाएं DAY-NRLM और RBI की उपलब्ध वर्तमान जानकारी पर आधारित हैं। किसी राज्य की अतिरिक्त योजना, स्थानीय सहायता या अलग नियम लागू हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग या बैंक से वर्तमान नियमों की पुष्टि करें।
