Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: अगर आपके आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने की लिमिट खत्म हो गई है या आप पहले ही एक बार जन्मतिथि अपडेट करवा चुके हैं, तो UIDAI की नई SOP आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। UIDAI ने 24 दिसंबर 2025 को आधार में Date of Birth (DOB) Update करने के लिए नई Standard Operating Procedure (SOP) जारी की है। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को एक Corrigendum जारी करके SOP के Annexure में भी कुछ बदलाव किए गए हैं।
नई SOP में बताया गया है कि आधार में जन्मतिथि कितनी बार बदली जा सकती है, DOB Limit Cross होने पर कौन-से दस्तावेज देने होंगे, जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) कब जरूरी होगा और ऑपरेटर की गलती से गलत जन्मतिथि दर्ज होने पर क्या करना होगा।
इसके अलावा, जिन लोगों ने पहले गलत या फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर आधार में DOB अपडेट करवाई थी, उनके लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। यदि अब वे अपनी वास्तविक जन्मतिथि का असली जन्म प्रमाण पत्र जमा करना चाहते हैं, लेकिन उसका BRN पुराने प्रमाण पत्र से अलग है, तो क्या होगा? इसकी जानकारी भी इस लेख में दी गई है।
Table of Contents
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF क्या है?
UIDAI की नई Date of Birth Update SOP एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आधार धारक अपनी जन्मतिथि में सुधार या अपडेट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पहले जन्मतिथि अपडेट होने के बाद दोबारा DOB बदलने के लिए कई तरह की समस्याएं आती थीं। अब UIDAI ने अलग-अलग परिस्थितियों के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं।
नई SOP में मुख्य रूप से पांच प्रकार के मामले शामिल किए गए हैं:
- पहली बार आधार में जन्मतिथि अपडेट करना।
- पहले DOB अपडेट हो चुकी है और दोबारा अपडेट करानी है।
- 0 से 5 वर्ष की उम्र में आधार बनवाने वालों के DOB अपडेट के मामले।
- 5 से 18 वर्ष की उम्र में आधार बनवाने वालों के DOB अपडेट के मामले।
- भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के DOB अपडेट के मामले।
महत्वपूर्ण: UIDAI ने जन्मतिथि अपडेट करने की कोई सामान्य खुली सुविधा नहीं दी है। दूसरी बार DOB अपडेट केवल निर्धारित असाधारण परिस्थितियों और जरूरी दस्तावेजों के आधार पर ही प्रोसेस की जाएगी।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF के अनुसार DOB अपडेट के मुख्य नियम
UIDAI ने जन्मतिथि अपडेट करने के लिए कुछ बुनियादी नियम निर्धारित किए हैं।
- एक व्यक्ति की केवल एक वास्तविक जन्मतिथि हो सकती है।
- सामान्य परिस्थितियों में आधार में जन्मतिथि बदलने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
- जन्म प्रमाण पत्र जन्मतिथि का कानूनी प्रमाण है।
- यदि पहले जन्म प्रमाण पत्र जमा करके DOB Verified कराई गई है, तो सामान्य रूप से दोबारा DOB बदलने की अनुमति नहीं होगी।
- यदि पहले जमा किए गए दस्तावेज में ही गलती है, तो निर्धारित शर्तों के अनुसार संशोधित दस्तावेज देना होगा।
- फर्जी या गलत दस्तावेज के आधार पर DOB अपडेट कराने के मामलों में आधार Deactivate किया जा सकता है।
- दूसरी बार DOB अपडेट कराने पर शपथ पत्र (Affidavit) की आवश्यकता हो सकती है।
आधार में DOB Declared, Approximate और Verified का क्या मतलब है?
DOB अपडेट कराने से पहले इन तीनों स्थितियों को समझना जरूरी है।
| DOB Status | आसान भाषा में मतलब |
|---|---|
| Declared | आधार धारक ने स्वयं जन्मतिथि बताई थी, उसका प्रमाण सत्यापित नहीं हुआ था। |
| Approximate | जन्मतिथि अनुमान के आधार पर दर्ज की गई थी। |
| Verified | जन्मतिथि को स्वीकार्य प्रमाण दस्तावेज के आधार पर दर्ज किया गया था। |
यदि आपके आधार में DOB Declared या Approximate है, तो आप अपनी उम्र और लागू नियमों के अनुसार स्वीकार्य PDB दस्तावेज देकर जन्मतिथि अपडेट कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: पहली बार DOB Update कैसे होगा?
UIDAI ने पहली बार जन्मतिथि अपडेट कराने के लिए दो मुख्य परिस्थितियां निर्धारित की हैं।
1. आधार में DOB Declared या Approximate है
यदि आधार में जन्मतिथि Declared या Approximate दर्ज है, तो DOB अपडेट के लिए UIDAI की वर्तमान List-IV में शामिल स्वीकार्य दस्तावेज दिए जा सकते हैं।
आयु के अनुसार नियम इस प्रकार हैं:
| आधार धारक की उम्र | DOB अपडेट के लिए दस्तावेज |
|---|---|
| 0 से 5 वर्ष | जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य |
| 5 से 18 वर्ष | जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य |
| 18 वर्ष या अधिक | List-IV में शामिल स्वीकार्य DOB दस्तावेज |
NRI बच्चों के लिए अलग छूट है। 18 वर्ष से कम उम्र के NRI जन्म प्रमाण पत्र या भारतीय पासपोर्ट में से स्वीकार्य दस्तावेज दे सकते हैं।
विशेष बात: यदि आधार में DOB Declared या Approximate है, लेकिन नामांकन के समय जन्म प्रमाण पत्र जमा किया गया था, तो ऐसे मामले को Verified DOB वाले मामले की तरह माना जाएगा।
2. आधार में DOB Verified है
यदि आधार में जन्मतिथि Verified है, तो अपडेट के नियम इस बात पर निर्भर करेंगे कि पहले जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में कौन-सा दस्तावेज जमा किया गया था।
स्थिति A: पहले जन्म प्रमाण पत्र जमा किया था
यदि पहले जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर DOB Verified हुई थी और अब उसमें सुधार करवाना है, तो:
- उसी BRN (Birth Registration Number) वाला संशोधित जन्म प्रमाण पत्र देना होगा।
- संशोधित प्रमाण पत्र उसी रजिस्ट्रार द्वारा जारी होना चाहिए।
- Annexure-I के अनुसार शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
- अलग BRN वाला जन्म प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं होगा।
- किसी दूसरे रजिस्ट्रार का जन्म प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं होगा।
स्थिति B: पहले मार्कशीट, पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज जमा किया था
यदि पहले जन्म प्रमाण पत्र के अलावा कोई दूसरा DOB प्रमाण दस्तावेज जमा किया था, तो 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति को:
- उसी दस्तावेज का संशोधित संस्करण देना होगा। यह दस्तावेज वर्तमान वैध PDB सूची में होना चाहिए।
- या जन्म प्रमाण पत्र के साथ Annexure-I का शपथ पत्र देना होगा।
यदि पहले जमा किया गया दस्तावेज वर्तमान वैध PDB सूची में शामिल नहीं है, तो जन्म प्रमाण पत्र ही स्वीकार्य होगा।
ध्यान दें कि संशोधित दस्तावेज उसी प्राधिकरण द्वारा जारी होना चाहिए और उसमें जन्मतिथि के अलावा अन्य संबंधित विवरण समान होने चाहिए।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: ऑपरेटर की गलती से DOB गलत होने पर क्या करें?
कई बार आधार केंद्र के ऑपरेटर की गलती या Typographical Mistake के कारण आधार में गलत जन्मतिथि दर्ज हो जाती है।
उदाहरण के लिए:
- आपके जन्म प्रमाण पत्र में DOB 15/05/1990 है।
- ऑपरेटर ने गलती से आधार में 15/05/1991 दर्ज कर दी।
- अब आप अपनी सही जन्मतिथि 15/05/1990 करवाना चाहते हैं।
ऐसी स्थिति में UIDAI ने अलग प्रक्रिया दी है।
यदि पहले जमा किया गया दस्तावेज अभी भी वैध है: उसी दस्तावेज को दोबारा जमा करके DOB अपडेट का अनुरोध कर सकते हैं।
यदि पुराना दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या अब वैध नहीं है: Annexure-II के अनुसार Self Declaration दिया जा सकता है।
UIDAI पुराने नामांकन या अपडेट रिकॉर्ड में जमा किए गए दस्तावेज की जांच करेगा। ऑपरेटर की गलती की पुष्टि होने पर जन्मतिथि सुधारने की अनुमति दी जा सकती है।
यह सुविधा केवल वास्तविक ऑपरेटर गलती या Typographical Mistake के मामलों के लिए है। पहले गलत दस्तावेज देने के मामले को ऑपरेटर की गलती बताकर इस सुविधा का लाभ नहीं लिया जा सकता।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: दूसरी बार DOB Update कराने के नियम
अगर आपने पहले ही आधार में जन्मतिथि अपडेट करवा ली है और अब दोबारा जन्मतिथि बदलना चाहते हैं, तो इसे Subsequent DOB Update कहा जाता है।
UIDAI के अनुसार दूसरी बार DOB अपडेट केवल असाधारण परिस्थितियों में किया जा सकता है।
इसके लिए निम्नलिखित नियम हैं:
| पहले जमा किया गया दस्तावेज | दूसरी बार DOB अपडेट के लिए क्या देना होगा? |
|---|---|
| पहले जन्म प्रमाण पत्र जमा नहीं किया था | जन्म प्रमाण पत्र + Annexure-I |
| पहले जन्म प्रमाण पत्र जमा किया था | उसी BRN वाला संशोधित जन्म प्रमाण पत्र + Annexure-I |
| ऑपरेटर की गलती हुई थी | पुराना वैध दस्तावेज या पात्रता के अनुसार Annexure-II |
ये नियम सभी आयु वर्ग के भारतीय निवासियों और NRI पर लागू होते हैं।
दूसरी बार DOB अपडेट में Annexure-I क्यों जरूरी है?
Annexure-I एक शपथ पत्र है, जिसमें आधार धारक को अपनी सही जन्मतिथि, आधार में पहले दर्ज जन्मतिथि और पहले कितनी बार DOB अपडेट कराई गई है, इसकी जानकारी देनी होती है।
इसमें यह भी घोषणा करनी होती है कि वह आगे आधार में जन्मतिथि अपडेट कराने के लिए पात्र नहीं होगा।
यह शपथ पत्र न्यूनतम ₹10 मूल्य के Non-Judicial Stamp Paper पर तैयार किया जाना है। इसे Judicial Magistrate, Executive Magistrate या Notary Public के सामने हस्ताक्षर और प्रमाणित कराया जा सकता है।
पहले फर्जी Birth Certificate से DOB अपडेट कराई थी, अब असली प्रमाण पत्र देने पर क्या होगा?
यह UIDAI की नई SOP का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामला है।
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने पहले आधार में जन्मतिथि अपडेट कराने के लिए ऐसा जन्म प्रमाण पत्र जमा किया था, जो फर्जी, गलत जानकारी के आधार पर बना हुआ या गैर-वास्तविक था। उस प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी आधार में DOB भी अपडेट हो गई।
अब उस व्यक्ति को अपनी वास्तविक जन्मतिथि का असली जन्म प्रमाण पत्र मिल गया है। लेकिन नए जन्म प्रमाण पत्र का BRN पुराने प्रमाण पत्र से अलग है।
ऐसी स्थिति में क्या होगा?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि UIDAI की SOP में दो अलग-अलग नियम हैं।
1. सामान्य जन्म प्रमाण पत्र संशोधन का नियम
SOP के Case 1(b)(ii) के अनुसार यदि पहले जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर DOB Verified हुई थी, तो सामान्य सुधार के लिए:
- उसी BRN वाला संशोधित जन्म प्रमाण पत्र चाहिए।
- उसी रजिस्ट्रार द्वारा जारी प्रमाण पत्र चाहिए।
- Annexure-I का शपथ पत्र देना होगा।
इसलिए यदि नया जन्म प्रमाण पत्र अलग BRN वाला है, तो उसे पुराने जन्म प्रमाण पत्र का संशोधित संस्करण नहीं माना जा सकता।
सामान्य DOB Update प्रक्रिया में ऐसा प्रमाण पत्र स्वीकार होने की गारंटी नहीं है।
2. फर्जी दस्तावेज के आधार पर DOB अपडेट होने पर विशेष नियम
अब इस मामले में SOP के पैरा 4 को समझिए।
UIDAI ने ऐसे आधार धारकों के लिए अलग व्यवस्था दी है, जिन्होंने पहले फर्जी या धोखाधड़ी से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर गलत जन्मतिथि दर्ज कराई थी।
UIDAI के अनुसार ऐसे आधार धारकों को अपनी पिछली गलती सुधारने का एक अंतिम अवसर दिया जाएगा।
यदि ऐसा मामला UIDAI के संज्ञान में आता है, तो आधार Deactivate किया जा सकता है।
इसके बाद आधार दोबारा चालू कराने पर विचार करने के लिए निम्नलिखित चीजें जरूरी होंगी:
- वास्तविक जन्मतिथि वाला असली जन्म प्रमाण पत्र देना होगा।
- जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापन योग्य (Online Verifiable) होना चाहिए।
- Annexure-III के अनुसार शपथ पत्र देना होगा।
- आधार को दोबारा सक्रिय कराने के लिए UIDAI के संबंधित Regional Office के माध्यम से प्रक्रिया अपनानी होगी।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल: क्या अलग BRN वाला असली जन्म प्रमाण पत्र स्वीकार होगा?
SOP में फर्जी दस्तावेज वाले मामलों के लिए वास्तविक और ऑनलाइन सत्यापन योग्य PDB दस्तावेज के साथ आधार Reactivation की विशेष प्रक्रिया दी गई है। इसमें पुराने फर्जी प्रमाण पत्र के समान BRN होने की स्पष्ट शर्त नहीं लिखी गई है।
इसलिए यदि पहले वाला प्रमाण पत्र फर्जी था और अब संबंधित जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड से सत्यापित वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र अलग BRN के साथ उपलब्ध है, तो यह मामला सामान्य Same-BRN Correction के बजाय फर्जी दस्तावेज वाले विशेष मामले के अंतर्गत Regional Office के सामने रखा जा सकता है।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि अलग BRN वाला प्रमाण पत्र अपने आप स्वीकार हो जाएगा। UIDAI इसकी वास्तविकता, जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड और ऑनलाइन सत्यापन की जांच करेगा। अंतिम निर्णय UIDAI का होगा।
क्या अनजाने में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र देने पर FIR होगी?
UIDAI की SOP के अनुसार ऐसे मामलों में परिस्थितियों के आधार पर FIR दर्ज की जा सकती है।
इसलिए यह समझना जरूरी है कि:
- व्यक्ति को प्रमाण पत्र फर्जी होने की जानकारी थी या नहीं।
- प्रमाण पत्र किसने बनवाया था?
- क्या गलत जानकारी जानबूझकर दी गई थी?
- नया जन्म प्रमाण पत्र संबंधित रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड में सही और सत्यापन योग्य है या नहीं?
केवल यह कहने से कि गलती अनजाने में हुई थी, जांच समाप्त नहीं हो जाती।
Annexure-III में भी पहले अमान्य दस्तावेज जमा करने या जन्मतिथि के संबंध में गलत जानकारी देने की बात स्वीकार करनी होती है। इसमें गलती पर खेद व्यक्त करके आधार दोबारा चालू करने का अनुरोध किया जाता है।
हमारी सलाह: यदि किसी व्यक्ति के पास वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र है और उसका BRN पुराने प्रमाण पत्र से अलग है, तो उसे सामान्य आधार केंद्र पर केवल DOB Correction के रूप में आवेदन करने के बजाय पहले UIDAI Regional Office से अपने मामले की विशेष प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। किसी भी प्रकार की गलत घोषणा या पुराने रिकॉर्ड को छिपाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
आधार Deactivate होने पर दोबारा चालू कैसे करवाएं?
UIDAI की SOP में फर्जी दस्तावेज या निर्धारित धोखाधड़ी वाले मामलों के कारण Deactivate हुए आधार को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया भी दी गई है।
इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेज और प्रक्रिया जरूरी हैं:
| जरूरी चीज | विवरण |
|---|---|
| जन्म प्रमाण पत्र | सही और वास्तविक जन्मतिथि वाला प्रमाण पत्र |
| Online Verification | प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापन योग्य होना चाहिए |
| Biometric Update | चेहरा, Iris और Fingerprints का पूरा अपडेट |
| Annexure-III | वयस्क के लिए Reactivation Affidavit |
| Annexure-IIIA | बच्चे के लिए Reactivation Affidavit |
| आवेदन | आधार सेवा केंद्र या Regional Office द्वारा निर्धारित सरकारी केंद्र के माध्यम से |
Case 4 के मामलों में आधार दोबारा चालू करने से पहले संबंधित राज्य पोर्टल से भी सत्यापन कराया जाएगा।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद UIDAI दस्तावेजों और जांच के आधार पर आधार Reactivation पर विचार करेगा।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: बच्चों के लिए नए नियम
UIDAI ने 0 से 5 वर्ष और 5 से 18 वर्ष की उम्र में आधार बनवाने वाले बच्चों के लिए भी विशेष नियम बनाए हैं।
0 से 5 वर्ष की उम्र में आधार बनवाया था
यदि किसी बच्चे का आधार 0 से 5 वर्ष की उम्र में बना था और अब DOB ऐसी बदली जा रही है जिससे साबित हो कि आधार बनवाते समय उसकी उम्र वास्तव में 5 वर्ष से अधिक थी, तो UIDAI इसे धोखाधड़ी का मामला मान सकता है।
ऐसी स्थिति में:
- DOB Update अनुरोध अस्वीकार किया जा सकता है।
- आधार Deactivate या Omit किया जा सकता है।
- आधार केंद्र ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
- आधार धारक या उसके माता-पिता/अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
5 से 18 वर्ष की उम्र में आधार बनवाया था
यदि किसी व्यक्ति ने 5 से 18 वर्ष की उम्र में आधार बनवाया था, लेकिन अब DOB ऐसी बदलवाना चाहता है जिससे पता चले कि आधार बनवाते समय उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक थी, तो यह भी धोखाधड़ी का मामला माना जाएगा।
ऐसे मामले में आधार Deactivate किया जा सकता है और जांच के आधार पर आधार धारक, परिवार के मुखिया (HoF) और ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
विदेशी नागरिकों के लिए DOB Update के नियम
भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए DOB अपडेट के नियम अलग हैं।
उनके लिए पहचान का प्रमाण (PoI) और जन्मतिथि का प्रमाण (PDB) एक ही दस्तावेज होता है।
इसलिए:
- केवल ऑपरेटर की गलती के मामले में DOB Update की अनुमति दी जा सकती है।
- पहले जमा किए गए दस्तावेज में सही DOB होनी चाहिए।
- Annexure-II के अनुसार Self Declaration देना होगा।
- UIDAI पुराने रिकॉर्ड की जांच करेगा।
विदेशी नागरिकों के DOB Update के अन्य अनुरोधों पर विचार नहीं किया जाएगा।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: Annexure-I, II और III क्या हैं?
UIDAI ने DOB Update और आधार Reactivation के लिए अलग-अलग Annexure निर्धारित किए हैं।
| Annexure | किसके लिए | उपयोग |
|---|---|---|
| Annexure-I | वयस्क | Verified DOB में असाधारण सुधार के लिए Affidavit |
| Annexure-IA | बच्चे | बच्चे की DOB में सुधार के लिए Affidavit |
| Annexure-II | वयस्क | ऑपरेटर की गलती से DOB गलत दर्ज होने पर Self Declaration |
| Annexure-IIA | बच्चे | ऑपरेटर की गलती से बच्चे की DOB गलत दर्ज होने पर Self Declaration |
| Annexure-III | वयस्क | फर्जी/अमान्य दस्तावेज के मामले में आधार Reactivation |
| Annexure-IIIA | बच्चे | बच्चे के आधार Reactivation के लिए Affidavit |
25 सितंबर 2026 के Corrigendum में क्या बदलाव हुआ?
UIDAI ने 25 सितंबर 2026 को DoB SOP के Annexures में संशोधन किया।
इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य पहले जमा किए गए दस्तावेजों की पूरी जानकारी दोबारा देने की अनिवार्यता को समाप्त करना था।
इसमें छह प्रमुख बदलाव किए गए:
- Annexure-I में पहले दर्ज DOB बताने के लिए पुराने दस्तावेज का विवरण देने की शर्त हटा दी गई।
- Annexure-IA में बच्चे की पहले दर्ज DOB बताने के लिए पुराने दस्तावेज का विवरण देने की शर्त हटा दी गई।
- Annexure-II में ऑपरेटर की गलती वाले मामले में पहले जमा दस्तावेज का विवरण देने की शर्त हटाई नहीं गई; बल्कि पुराने दस्तावेज का विवरण देने वाला संशोधित प्रारूप जारी किया गया।
- Annexure-IIA में भी दस्तावेज का नाम, नंबर और तारीख देने की जानकारी बरकरार रखी गई।
- Annexure-III में पहले जमा अमान्य दस्तावेज का नंबर, तारीख और EID बताने की पुरानी शर्त हटाई गई।
- Annexure-IIIA में भी बच्चे के मामले में अमान्य दस्तावेज का पूरा विवरण देने की पुरानी शर्त हटाई गई।
इसका मतलब यह है कि सभी Annexure में पुराने दस्तावेजों का विवरण हटाया नहीं गया है। बदलाव केवल उन्हीं बिंदुओं में हुए हैं जिनका उल्लेख Corrigendum में किया गया है।
Corrigendum जारी होने के बाद संशोधित Annexures को मूल SOP का हिस्सा माना जाएगा। SOP के बाकी नियम पहले की तरह लागू रहेंगे।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF Download कैसे करें?
यदि आप UIDAI की नई DOB Update SOP और संशोधित Annexures डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए PDF का उपयोग कर सकते हैं।
PDF में उपलब्ध जानकारी:
- DOB Update की पूरी SOP
- पहली बार DOB Update के नियम
- दूसरी बार DOB Update के नियम
- Declared, Approximate और Verified DOB के नियम
- Annexure-I से Annexure-IIIA तक के फॉर्म
- आधार Reactivation की प्रक्रिया
- सितंबर 2026 का Corrigendum
डाउनलोड करने के लिए: नीचे दिए गए आधिकारिक UIDAI दस्तावेज का PDF लिंक उपलब्ध होने पर उसे यहां जोड़ें।
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF
Aadhaar DOB Limit Cross New SOP PDF: Frequently Asked Questions (FAQ)
1. आधार में DOB Limit Cross होने पर क्या दोबारा जन्मतिथि बदल सकते हैं?
हां, कुछ असाधारण परिस्थितियों में DOB दोबारा अपडेट हो सकती है। इसके लिए UIDAI की SOP के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र या संशोधित दस्तावेज और Annexure-I देना पड़ सकता है।
2. आधार में पहले जन्म प्रमाण पत्र जमा किया था तो क्या दूसरा जन्म प्रमाण पत्र दे सकते हैं?
सामान्य सुधार के मामले में उसी BRN और उसी रजिस्ट्रार द्वारा जारी संशोधित जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अलग BRN वाला प्रमाण पत्र सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार्य नहीं है।
3. क्या दूसरी बार आधार DOB Update कराने के लिए Affidavit जरूरी है?
हां, SOP के Case 2 के अनुसार दूसरी बार DOB Update के लिए Annexure-I का Affidavit अनिवार्य है। दस्तावेज की शर्तें इस बात पर निर्भर करेंगी कि पहले कौन-सा PDB जमा किया गया था।
4. ऑपरेटर की गलती से DOB गलत दर्ज हो गई तो क्या करें?
यदि पुराने दस्तावेज में सही DOB है, लेकिन आधार में गलत DOB दर्ज हुई है, तो Annexure-II के अनुसार Self Declaration और पुराने रिकॉर्ड के सत्यापन के आधार पर सुधार कराया जा सकता है।
5. फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से DOB अपडेट कराई थी तो क्या होगा?
ऐसे मामले में UIDAI आधार Deactivate कर सकता है। सही और ऑनलाइन सत्यापन योग्य जन्म प्रमाण पत्र तथा Annexure-III के साथ Regional Office के माध्यम से आधार Reactivation का अनुरोध किया जा सकता है।
6. पुराने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और नए असली जन्म प्रमाण पत्र का BRN अलग है तो क्या होगा?
सामान्य संशोधन के नियम में समान BRN जरूरी है। लेकिन फर्जी दस्तावेज के आधार पर DOB दर्ज होने वाले मामले में SOP का पैरा 4 अलग विशेष प्रक्रिया देता है। वास्तविक, ऑनलाइन सत्यापन योग्य जन्म प्रमाण पत्र और Annexure-III के साथ Regional Office से मामला प्रस्तुत किया जा सकता है। अलग BRN की स्वतः स्वीकृति की गारंटी नहीं है।
7. क्या फर्जी जन्म प्रमाण पत्र देने पर FIR दर्ज होगी?
हर मामले में FIR अनिवार्य नहीं है। UIDAI की SOP के अनुसार परिस्थितियों के आधार पर FIR और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
8. Annexure-I और Annexure-III में क्या अंतर है?
Annexure-I Verified DOB में असाधारण परिस्थितियों में सुधार कराने के लिए Affidavit है, जबकि Annexure-III फर्जी या अमान्य दस्तावेज से जुड़े मामले में Deactivate आधार को दोबारा सक्रिय कराने के लिए Affidavit है।
9. क्या 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की DOB भी अपडेट हो सकती है?
हां, लेकिन 0 से 18 वर्ष के निवासी भारतीय बच्चों के लिए DOB Update में जन्म प्रमाण पत्र ही अनुमत दस्तावेज है। NRI बच्चों के लिए भारतीय पासपोर्ट की छूट भी दी गई है।
10. आधार Deactivate होने पर क्या उसे दोबारा चालू कराया जा सकता है?
हां, SOP में निर्धारित शर्तों के अनुसार Regional Office के माध्यम से Reactivation का अनुरोध किया जा सकता है। इसके लिए सही जन्म प्रमाण पत्र, पूरा Biometric Update और Annexure-III या Annexure-IIIA देना होगा।
निष्कर्ष
UIDAI की नई DOB Update SOP उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी आधार में जन्मतिथि गलत दर्ज है या जो पहले ही DOB Update करा चुके हैं और अब दोबारा सुधार करवाना चाहते हैं।
नई SOP में Declared, Approximate और Verified DOB के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। ऑपरेटर की गलती, जन्म प्रमाण पत्र में सुधार, दूसरी बार DOB Update और फर्जी दस्तावेज से जुड़े मामलों के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
विशेष रूप से जिन लोगों ने पहले गलत या फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर DOB अपडेट कराई थी, उन्हें अब वास्तविक और ऑनलाइन सत्यापन योग्य दस्तावेज के साथ UIDAI की विशेष प्रक्रिया अपनानी होगी। ऐसे मामलों में Regional Office की जांच और निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
इसलिए DOB Limit Cross होने पर बिना नियम समझे बार-बार आवेदन न करें। पहले अपने पुराने नामांकन रिकॉर्ड और जमा किए गए दस्तावेज की स्थिति समझें, फिर UIDAI की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें।
